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Saturday, December 21, 2013

"बालकविता-मिक्की माउस" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

अपनी बाल कृति 
"हँसता गाता बचपन" से
एक बालकविता
"मिक्की माउस"
मिक्की माउस कितना अच्छा।
लगता है चूहे का बच्चा।।

कितना हँसमुख और सलोना।
यह लगता है एक खिलौना।।

इसकी सूरत सबसे न्यारी।
लीची जैसी आँखें प्यारी।।

तन का काला, मन का गोरा।
मुझको भाता है यह छोरा।।
बालचित्रकार-प्राञ्जल

2 comments:

  1. मिक्की माउस कितना अच्छा।
    लगता है चूहे का बच्चा।।

    कितना हँसमुख और सलोना।
    यह लगता है एक खिलौना।।

    इसकी सूरत सबसे न्यारी।
    लीची जैसी आँखें प्यारी।।

    तन का काला, मन का गोरा।
    मुझको भाता है यह छोरा।।

    सुन्दर मिक्की माउस सुन्दर उसका रूपाकार

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